Saturday, November 29, 2014

हमेशा देर कर देता हूँ मैं

जरुरी बात कहनी हो
कोई वादा निभाना हो
उसे आवाज देनी हो
उसे वापस बुलाना हो
हमेशा देर कर देता हूँ मैं.

मदद करनी हो उसकी
यार की ढ़ाढ़स बंधाना हो
बहुत देरीना रास्तों पर
किसी से मिलने जाना हो
हमेशा देर कर देता हूँ मैं.

बदलते मौसम कि सैर मे
दिल को लगाना हो
किसी को याद रखना हो
किसी को भूल जाना हो
हमेशा देर कर देता हूँ मैं.

किसी को मौत से पहले
किसी गम से बचाना हो
हक़ीकत और थी कुछ
उस को जा के ये बताना हो
हमेशा देर कर देता हूँ मैं.

- मुऩीर नियाज़ी

Saturday, September 13, 2014

कुर्बतों मे भी जुदाई के ज़माने मांगे

कुर्बतों मे भी जुदाई के ज़माने मांगे,
दिल वो बीमार की रोने के बहाने मांगे.

अपना ये हाल के ज़ी हार चूके लूट भी चूके,
और मुहब्बत वही अंदाज पुराने मांगे.

हम ना होते तो किसी और के चर्चे होते,
खलकते-शहर तो कहने को फ़साने मांगे.

दिल किसी हाल पे माने ही नहीं ज़ाने-फ़राज’,
मिल गये तुम भी तो क्या और ना ज़ाने मांगे.
-अहमद फ़राज

Welcome to My blog

Just got inspired by Pratul sir and created my own blog. Quite a medium to express urself.